Defence Sector के 5 दमदार स्टॉक्स! ₹6000 करोड़ के ऑर्डर से मिल सकता है बड़ा फायदा….

Defence Sector : भारत में डिफेंस बजट लगातार बढ़ रहा है और सरकार मेक इन इंडिया के तहत घरेलू डिफेंस प्रोडक्शन को बढ़ावा दे रही है, जिससे इस सेक्टर की कंपनियों की कमाई की संभावनाएं बढ़ गई हैं। सैन्य आधुनिकीकरण, एयरोस्पेस प्रोजेक्ट और नई टेक्नोलॉजी पर खर्च बढ़ने से उन कंपनियों को सीधा फायदा मिल रहा है जिनके पास पहले से बड़ा ऑर्डर बुक और लंबी अवधि के कॉन्ट्रैक्ट हैं।

Premier Explosives​

Premier Explosives 1980 से हाई एनर्जी मैटेरियल, विस्फोटक, डेटोनेटर, रॉकेट मोटर और वारहेड जैसे डिफेंस प्रोडक्ट बनाती है, जो सेना और एयरोस्पेस प्रोग्राम्स के लिए जरूरी हैं। Q3 FY25 तक कंपनी के पास लगभग 739 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक था, जिसमें करीब 81% ऑर्डर सीधे डिफेंस सेक्टर से जुड़े हैं, जो आने वाले सालों के रेवेन्यू की अच्छी विजिबिलिटी दिखाते हैं।

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Azad Engineering​

हैदराबाद बेस्ड Azad Engineering एयरोस्पेस, डिफेंस, एनर्जी और ऑयल एंड गैस के लिए प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट तैयार करती है, जिसका इस्तेमाल हाई टेक प्लेटफॉर्म और इंजन में होता है। FY25 में कंपनी का ऑर्डर बुक लगभग 6,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिससे कई सालों तक रेवेन्यू फ्लो की मजबूत संभावना बनती है और कंपनी को कैपेसिटी बढ़ाने की गुंजाइश मिलती है।

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MTAR Technologies और Zen Technologies​

MTAR Technologies हाई प्रिसिजन इंजीनियरिंग में काम करती है और स्पेस, डिफेंस और एयरोस्पेस प्रोग्राम्स के लिए क्रिटिकल कंपोनेंट सप्लाई करती है, Q3 FY25 तक इसका कुल ऑर्डर बुक 894 करोड़ रुपये था। Zen Technologies डिफेंस ट्रेनिंग सिमुलेटर और एंटी-ड्रोन सिस्टम बनाती है, Q3 FY25 में कंपनी के पास 817 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक था जिसमें 52% हिस्सा एंटी-ड्रोन और 48% ट्रेनिंग सिमुलेटर से आता है, जो नई जेनरेशन वारफेयर की जरूरतों से जुड़ा है।

Apollo Micro Systems​

Apollo Micro Systems डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स और एयरोस्पेस सॉल्यूशंस पर फोकस करती है, जो मिसाइल, रडार और कम्युनिकेशन सिस्टम में उपयोग होने वाली टेक्नोलॉजी डिवाइसेस विकसित करती है। FY25 में कंपनी के पास लगभग 600 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक था, जो दिखाता है कि डिफेंस प्रोजेक्ट्स में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की बढ़ती मांग से इसकी कमाई को सपोर्ट मिल सकता है।

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