निवेशकों के लिए बड़ा मौका! Green Energy के इन 3 स्टॉक्स में आ सकती है 50% की तेजी…

Green Energy सेक्टर में भारत तेज़ी से निवेश बढ़ा रहा है और सरकार 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल क्षमता का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसमें सोलर की बड़ी हिस्सेदारी होगी। इसी थीम पर Waaree Energies, Premier Energies और Emmvee Photovoltaics जैसे सोलर प्लेयर्स पर ब्रोकरेज हाउस आने वाले सालों में करीब 50% तक रिटर्न की संभावना देख रहे हैं।

Waaree Energies

Waaree Energies भारत के टॉप सोलर मॉड्यूल और सेल मैन्युफैक्चरर्स में से एक है, जिसने अक्टूबर 2024 में अपना IPO लॉन्च किया था और करीब 4,321 करोड़ रुपये जुटाए। कंपनी IPO के ज़रिए ओडिशा में 6 GW की इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने पर काम कर रही है, जिससे आने वाले सालों में क्षमता और रेवेन्यू दोनों बढ़ने की संभावना है।

जून 2024 तक कंपनी का ROE लगभग 8.8% और प्रॉफिट मार्जिन करीब 11.5% के आसपास रहा, जो इस सेक्टर में एक स्थिर प्रॉफिटेबिलिटी को दिखाता है। अक्टूबर 2024 की लिस्टिंग पर शेयर ने इश्यू प्राइस के मुकाबले अच्छा प्रीमियम दिया था और लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह स्टॉक रिन्यूएबल थीम पर एक महत्वपूर्ण प्ले माना जा रहा है।

Read More : ब्रोकरेज बुलिश! ACME Solar Holdings और JSW Energy के शेयर में दिख रहा तेजी का संकेत…

Premier Energies

Hyderabad आधारित Premier Energies सोलर सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग में तेजी से अपना स्केल बढ़ा रही है। जनवरी 2026 तक कंपनी की सोलर सेल क्षमता 3.6 GW और सोलर मॉड्यूल क्षमता 5.4 GW तक पहुँच चुकी है, जो हाल की ब्राउनफील्ड एक्सपेंशन के बाद बढ़ी है।

कंपनी 2028 तक सेल क्षमता को लगभग 10.6 GW और मॉड्यूल क्षमता को 11.1 GW तक डबल से ज्यादा करने के लिए करीब 1,100 करोड़ रुपये (INR 11 बिलियन) का निवेश कर रही है, ताकि घरेलू मांग और एक्सपोर्ट अवसरों को कैप्चर किया जा सके। बढ़ती स्थापित क्षमता और सरकारी PLI स्कीम जैसे सपोर्ट की वजह से ब्रोकरेज हाउस इस तरह की कंपनियों में मजबूत लंबी अवधि की वृद्धि की संभावना देख रहे हैं।

Read More : बाजार में गिरावट के बीच भी रॉकेट बना Adani का यह शेयर, 2 दिन में 35% उछाल….

Emmvee Photovoltaics

Emmvee Photovoltaics भी भारत के उभरते सोलर मैन्युफैक्चरर्स में से एक है, जो आने वाले समय में बड़ी क्षमता विस्तार की योजना बना रही है। कंपनी लगभग 6 GW की इंटीग्रेटेड सोलर PV सेल और मॉड्यूल फैसिलिटी के लिए जमीन सुनिश्चित कर चुकी है और इस एक्सपेंशन को 60% डेट और 40% इक्विटी के मिश्रण से फंड करेगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने भारतीय रिन्यूएबल एनर्जी फाइनेंसिंग एजेंसियों से लगभग 3,300 करोड़ रुपये के आसपास का लोन भी सुरक्षित किया है,

जिससे कैपेसिटी बढ़ने के साथ टॉप लाइन और वॉल्यूम दोनों में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद बनती है। बढ़ती डोमेस्टिक सोलर मांग, मॉड्यूल इम्पोर्ट पर नियंत्रण और ग्रीन एनर्जी टारगेट जैसे फैक्टर्स इन तीनों कंपनियों के लिए संभावित रूप से अनुकूल माहौल तैयार कर रहे हैं, जिस पर ब्रोकरेज रिपोर्ट्स 50% तक की अपसाइड की संभावना जता रही हैं।

Disclaimer : यह वेबसाइट केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसमें दी गई सामग्री को निवेश सलाह न समझें। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते। निवेश करते समय अपनी समझदारी और सतर्कता का प्रयोग करें।