Railway PSU : Indian Railway Finance Corporation (IRFC) रेलवे मंत्रालय के लिए मुख्य फाइनेंसिंग arm की तरह काम करता है और नई ट्रेनों, रोलिंग स्टॉक व इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के लिए लंबी अवधि का पैसा जुटाता है। कंपनी बॉन्ड, टर्म लोन और दूसरे debt instruments के ज़रिए फंड उठाकर उन्हें भारतीय रेलवे और अन्य रेल–संबंधित एंटिटीज़ को लोन या लीज के रूप में देती है।
Zero-Coupon Bond एक ऐसा bond होता है जो बीच में periodic interest या coupon नहीं देता, बल्कि इसे face value से कम दाम पर issue किया जाता है और maturity पर investor को पूरा principal amount मिलता है। इस तरह investor का actual return खरीद कीमत और maturity amount के अंतर से आता है, जिसे effective yield कहा जाता है।
2,981 करोड़ के Zero-Coupon Bond issue की डिटेल
IRFC ने 10 साल की maturity वाले Zero-Coupon Bonds का issue लाया, जिसमें base size ₹1,000 करोड़ रखा गया और साथ में ₹4,000 करोड़ तक का green-shoe option भी रखा गया था। इस issue के खिलाफ कंपनी को कुल ₹7,500 करोड़ से ज़्यादा की बोली प्राप्त हुई, यानी demand available size से कई गुना ज़्यादा रही।
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कंपनी ने इस issue से लगभग ₹2,981 करोड़ की रकम को accept किया और इन bonds पर 10 साल की अवधि के लिए 6.79% की yield पर pricing तय हुई। यह yield उस समय के AAA rated PSU benchmark yield लगभग 7.15% से करीब 36 basis points (0.36%) नीचे रही, जिससे साफ दिखता है कि मार्केट ने IRFC को comparatively सस्ता फंडिंग cost ऑफर की।
रेलवे इंफ्रा पर असर
IRFC ने जानकारी दी है कि इस Zero-Coupon Bond से जुटाई गई रकम ongoing और upcoming railway तथा allied infrastructure projects की financing और refinancing के लिए उपयोग की जाएगी। इसमें नई लाइनों का विकास, rolling stock की खरीद, station redevelopment और logistic–linked projects जैसे सेगमेंट शामिल रह सकते हैं, जिनका फाइनेंस आमतौर पर लंबी maturity वाले बॉन्ड से match किया जाता है।
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कंपनी का कहना है कि इस सफल pricing और high demand से debt capital market में IRFC की strong image और long-term outlook पर investors का भरोसा दिखता है। management के अनुसार, यह issuance रेलवे इंफ्रा funding में IRFC की central भूमिका को और मज़बूत बनाता है और future में भी ऐसे innovative bond structures के लिए रास्ता खोलता है।
IRFC की हाल की financial performance
FY 2024-25 के लिए IRFC ने अपना highest-ever standalone Profit After Tax लगभग ₹6,502 करोड़ के आसपास रिपोर्ट किया है, जो पिछले साल के लगभग ₹6,412 करोड़ के PAT से थोड़ा ज़्यादा है। उसी साल कंपनी की total income लगभग 1.8–2% बढ़कर करीब ₹27,156 करोड़ तक पहुंच गई, जो लगातार stable income growth को दिखाता है।
मार्च 2025 के अंत तक IRFC का net worth लगभग ₹52,668 करोड़ और Assets Under Management करीब ₹4,60,000 करोड़ से ऊपर रिपोर्ट किया गया, जिससे इसके large lending book और strong capital base की झलक मिलती है। हाल के quarters में भी company का quarterly PAT double-digit growth के साथ बढ़ा है, जैसे Q2 FY26 में PAT करीब ₹3,522 करोड़ रहा, जो पिछले साल के समान तिमाही से लगभग 10% ज़्यादा है।
Bond market में IRFC की position
IRFC पहले से ही domestic bond market में एक regular और बड़ा issuer माना जाता है, जिसकी अलग-अलग maturity buckets में कई taxable और tax-free bonds listed हैं। company के bonds पर AAA rating और sovereign–linked profile होने की वजह से institutional investors की demand आमतौर पर मज़बूत रहती है।irfc+2
यह maiden Zero-Coupon Bond issue IRFC के debt profile को diversify करने की दिशा में एक नया कदम माना जा रहा है, जहां बिना periodic coupon वाले instruments से भी long-term फंड efficiently mobilise किया जा रहा है। ऊपर दिया गया सारा डेटा public financial results, एक्सचेंज filings और news reports पर आधारित है और केवल informational purpose के लिए है; यह किसी भी तरह की निवेश सलाह या buy/sell/hold recommendation नहीं है।
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