EV Sector : इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग इनोवेशन के क्षेत्र में हाल ही में Servotech Renewable Power System Limited ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी को “System and Method for Charging an Electric Vehicle” तकनीक के लिए भारत सरकार से पेटेंट मिला है। इस तकनीक की वजह से भारत के EV चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़ी समस्या का समाधान संभव हो सकेगा।
पेटेंट मिली नई तकनीक की जानकारी
Servotech द्वारा विकसित यह पेटेंटेड डिवाइस, CCS2 स्टैंडर्ड चार्जर को GBT आधारित इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ कम्पैटिबल बनाती है। इस समय EV इंडस्ट्री तेजी से CCS2 (Combined Charging System 2) स्टैंडर्ड को अपना रही है, जबकि देश में अभी भी बड़ी संख्या में GBT (Guobiao/T) तकनीक वाले पुराने वाहन और पब्लिक ट्रांसपोर्ट बसेज़ हैं। नई डिवाइस एक स्मार्ट कन्वर्टर की तरह काम करती है और CCS2 चार्जर से जुड़कर GBT वाहनों की चार्जिंग को सुरक्षित, तेज़ और इफिशिएंट बनाती है। इस तकनीक की टेस्टिंग कुछ बड़ी इलेक्ट्रिक बसों और कमर्शियल EV कैब्स पर सफलतापूर्वक हो चुकी है, और अब कंपनी इसको बड़े स्तर पर लागू करने की योजना बना रही है.
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भारत का EV चार्जिंग मार्केट
भारत में EV चार्जिंग के लिए मुख्य रूप से तीन कनेक्टर स्टैंडर्ड उपयोग में हैं—CCS2, GB/T और Bharat DC001. नए व्हीकल्स खासकर कार, बस और LCV सेगमेंट में 2024-25 से अधिकतर कंपनियां CCS2 स्टैंडर्ड दे रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार 2024 के बाद आने वाली 82% नई कारें CCS2 दिया जाता है, जिससे यह भारत का यूनिवर्सल DC फ़ास्ट चार्जिंग स्टैंडर्ड बनता जा रहा है। पुराने GBT बेस्ड वाहनों की संख्या अभी भी लाखों में है, जिससे कंपैटिबिलिटी का इशू था, जिसे Servotech की तकनीक अब एड्रेस कर रही है.
Servotech की बाज़ार में स्थिति
Servotech EV चार्जिंग और रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस में भारत की अग्रणी कंपनी है। मार्च 2023 तक, कंपनी ने रेसिडेंशियल चार्जिंग मार्केट का 60% और पब्लिक चार्जिंग सेक्टर का 25% शेयर होल्ड किया था। पेटेंट मिलते ही 25 नवंबर 2025 को कंपनी के शेयर में लगभग 1.10% की बढ़त देखी गई और शेयर की कीमत ₹95.72 तक पहुंच गई। कंपनी का फोकस फ्लीट ऑपरेटर, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, तथा व्यावसायिक चार्जिंग हब पर है और इसके साथ ही नए सोलर प्रोजेक्ट्स और EV एक्सपोर्ट्स सेक्टर में भी इनकी मौजूदगी है.
इन्नोवेशन का असर
यह इनोवेशन न केवल टेक्नोलॉजी गैप को दूर करता है बल्कि मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर उपयोग और पुराने व नए वाहन मालिकों दोनों के लिए चार्जिंग सुविधा को आसान बनाता है। सरकार भी साल 2024-25 से EV चार्जिंग के लिए स्टैण्डर्डाइजेशन, ओपन एक्सेस और सेफ्टी गाइडलाइंस लागू कर रही है, जिससे इंटरॉपरेबिलिटी आसान होगी और EV सेक्टर तगड़ा ग्रोथ पकड़ सकेगा.
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